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Curved space geometry in hindi

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अवकाश वक्र भूमिति * बाहरी और आतंरिक वक्र(मुड़ाव) कल्पना कीजिए की एक कीटाणु साबुन के बुलबुले के पतले से कवच के भीतर है। हम यह देख सकते है कि साबुन का बुलबुला गोलीय है , न की सपाट। क्योंकि वह हमारे सपाट 3D अवकाश में समाया है जिसमे वह नापा जा सकता है। दूसरी ओर कीटाणु यह समजता है कि वह 2D अवकाश में है। किसी भी बिंदु से वह 2 लंब दिशाओं में से वह कोई एक दिशा में जा सकता है। उसके लिए दिशा सिर्फ उस बुलबुले के भीतर है, उसके बहार का कुछ भी अस्तित्व नहीं है। लेकिन कीटाणु फिर भी यह अवलोकन कर सकता है कि उसका 2D अवकाश समतल नहीं है। दो समान्तर रेखाए कुछ अंतराल पर कोण की रचना करेगी और कोण का योग भी 180° से ज्यादा होगा। यह इसीलिए होता है क्योंकि बुलबुला भीतर से ही वक्र है। अगर उसकी दुनिया का आकार नलाकार होगा तो भी वह यह कहने को सक्षम नहीं होगा की वह वक्र है।  इस तथ्य से दूर , बड़े लंबे रस्ते पर आगे सीधा जाते हुए उसे आश्चर्यजनक रूप से एक जानामाना बिंदु मिलेगा, वो अपनी दुनिया की भूमिति को नहीं देख सकेगा जो समतल 2D भूमिति से बिलकुल अलग है।  एक नलाकर सिर्फ अत्यंत वक्र है।  जब हम अ...

18 years old student made lightest satellite which will be launched by NASA

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१८ साल के छोटे रिफत ने बनाया दुनिया  का सबसे छोटा सैटेलाइट, जिसे  NASA करेगा लांच कलामसैट तमिलनाडु के पल्लापट्टी के रहने वाले 18 साल के रिफत शारुक ने एक नया कीर्तिमान बनाया है. महज 18 साल की उम्र में रिफत ने दुनिया का सबसे हल्का सैटेलाइट बनाया है. इस सैटेलाइट का वजन 64 ग्राम से भी कम है. इस नौजवान के बनाए हुए सैटेलाइट का नाम है- कलामसैट. रिफत ने इस सैटेलाइट का नाम भारत के पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा है. इस सैटेलाइट को नासा 21 जून को लॉन्च करेगा.  द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यह किसी भी भारतीय छात्र का बनाया हुआ पहला सैटेलाइट होगा, जिसे नासा लॉन्च करेगा. रिफत ने कहा, ”सैटेलाइट का मुख्य काम थ्रीडी प्रिंटेड कार्बन फाइबर की क्षमता को डेमोनस्ट्रेट करना है.” रिफत ने बताया कि यह सैटेलाइट रेनफोर्स्ड कार्बन फाइवर पॉलीमर से बना हुआ है. उन्होंने कहा, ”हमने कुछ कंपोनेंट्स विदेश से प्राप्त किए और कुछ घरेलू हैं. रिफत के बनाए इस नायाब सैटेलाइट को ‘क्युब्स इन स्पेस’ नाम की प्रतियोगिता के माध्यम से चुना गया. यह प्रतियोगिता नासा और आई डू...

Biography of Sir A. P. J. Abdul Kalaam in hindi

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सर ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का जीवन वृतांत जन्म: 15 अक्टूबर, 1931 अवसान : 27 जुलाई  2015       मेरी कहानी भले ही किसी ओर चीज के बारे में न हो, लेकिन यह एक व्यक्तिगत लक्ष्य को बताती है, जिसे पारंपरिक सामाजिक ढांचे से अलग नहीं देखा जा सकता। मैंने उन व्यक्तियो के बारे में लिखना शुरू किया जिसने मेरे जीवन पर गहरा प्रभाव डाला।  इस के माध्यम से मैं अपने माता पिता, परिवार तथा शिक्षकों व गुरुओं को श्रद्धा -सुमन अर्पित करता हूँ। मैं सौभाग्यशाली हुँ की मुझे अपने छात्र एवं कर्मक्षेत्र में इनका सानिध्य मिला।    यह सिर्फ मेरी सफलता और दुःख की कहानी नहीं है। यह आधुनिक भारत के उन विज्ञान प्रतिष्ठानों की सफलताओं  एवं असफलताओं की भी कहानी है, जो तकनिकी मोरचे पर अपने को स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहे है। यह मेरे युवा साथियो के अपार उत्साह और कोशिशों के प्रति भी सम्मान है जिन्होंने हमारे सपनो को सँजोया और साकार किया। यह हमारे समय की वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता एवं प्रौद्योगिकी दक्षता हासिल करने के लिए भारत के प्रयासों की गाथा है।  हम सब ...

What is light?

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WHAT IS LIGHT? प्रकाश क्या है? आप सबने यह सुना होगा कि प्रकाश एक विधुतचुम्बकीय तरंग है अथवा वह फोटोन से बना हुआ है। पर इन सबका अर्थ क्या है? हकीकत में प्रकाश क्या है? कल्पना कीजिये की आप एक बगीचे में हो, एक वृक्ष की शाखा के हरे पत्ते की ओर देख रहे हो। हम जानते है कि प्रकाश पत्तो पर से परावर्तित होने  के बाद आपकी आँख में प्रवेश करती है और बताती है कि वह हरे रंग की है। वास्तव में प्रकाश है क्या?  17 वी सदी मे दो विचार पहले आये: अंग्रेज वैज्ञानिक आइजेक न्यूटन ने बताया कि प्रकाश सुक्ष्म कणो से बना हुआ है ( उन्होंने उसे अति सूक्ष्म कण कहा) जो गर्म पदार्थ ( जैसे की सूर्य या अग्नि) में से उत्सर्जित होता है, जब की उसी समकालीन, डच भौतिकशास्त्री क्रिस्चियन हाइगीन्स ने बताया कि प्रकाश तरंग स्वरुप है, जो तरंग के रूप में ऊपर नीचे कंपित होता हुआ आगे बढ़ता है।  फिर भी , उन मे से किसी के भी पास इस बारे में संकल्पना नहीं थी की प्रकाश वास्तव में क्या है? ( न्यूटन के इस बारे में कोई स्पष्ट विचार नहीं था की प्रकाश कौन से सूक्ष्म कण का स्वरुप है; हाईजीन के पास यह ख्या...

India pakistan

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भारत पाकिस्तान 15 अगस्त 1947, भारत माता के दो टुकड़े हुए, जिसमे एक था भारत, दूसरा पाकिस्तान।  जैसे की एक माँ के दो बेटे अलग हो गए। इतने जुदा की एक दूसरे का नाम भी नहीं सुन सकते। दोनों का खून खौलता है दूसरे देश का नाम भी सुनते है तो।  200 साल विदेशी प्रजा हमारे देश में राज कर गए। जो व्यापार के लिए भारत में आये थे। और भारत पर ही राज कर गए। इनमे उनकी  कोई गलती नहीं है। हमारा कोई हक नहीं उनपे कोई भी इल्जाम लगाये। क्योकि उन्होंने राज इसिलिए किया क्योंकि हमारे बीच एकता न थी। हम लोग ही उनके साथ मिलकर चाहे वह कोई भी वजह से हो उनका साथ दिया है। जब कोई क्रांतिकारी खड़ा होकर हमारी आज़ादी के लिए लड़ता था तब उन्ही अंग्रेज के सरकारी कर्मचारी जो हमारे ही लोग थे वो ही उन क्रन्तिकारीयो के लिए दीवार खड़ी कर देते थे। और वो बेचारे अपने लोगो पर हाथ भी नहीं उठाना चाहते थे।  फिर भी हम एक हुए और आजादी पाई। पर कौन सी एकता? भारत पाकिस्तान तो अलग हो गए। आज भी दोनों में से कोई झुकने को तैयार नहीं। इसी बात का फायदा हमारे देश के नेता लोग उठाये जा रहे है। कही भी कुछ भी हुआ इनमे ...

Rules for leave in Gujarat for government teachers

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ગુજરાત સરકારી શિક્ષકો માટે રજા ના નિયમો

Milky way Galaxy's mass is recalculated

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मिल्की वे  आकाशगंगा का नई तकनीक से फिर से उसका  द्रव्यमान मापन, और वह बड़ा पाया गया । आकाशगंगा का मनोहर सर्पिल रचना जो NASA के स्पिट्जर अवकाशीय टेलिस्कोप से ली गयी है। मिल्की वे आकाशगंगा का नया द्रव्यमान मापन 9.5×10^41 किग्रा (950,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000,000 95 के पीछे 40 झीरो) , अतः इसका द्रव्यमान हमारे सूरज के द्रव्यमान से 4.8×10^11 गुना है।  यह संसोधन ग्वेन्डोलीन एड़ी के द्वारा एमसी मास्टर यूनिवर्सिटी, कनाडा से किया गया था। मिल्की वे आकाशगंगा का फिर से द्रव्यमान नापे जाने की जान अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी , ग्रेप्वाईन की विंटर मीटिंग में एड़ी के द्वारा की गई थी। संसोधनकारो ने बायेसीयन एनालिसिस का उपयोग करके एक संख्या तक पहुचे है। बाएसीयन एनालिसिस अंकगणित का प्रकार है, जो अज्ञात अवयव , संभावना के प्रश्नों का उत्तर देता है।  संसोधनकारो ने गोलाकार क्लस्टर  ( जो सितारों का संग्रहीत गोलीय भाग है , जो उपग्रह की तरह आकाशगंगा के अंतर्भाग के आसपास कक्षा में घूमता है ) का सीधा मापन किया। अवकाशीय वैज्ञानिक पृथ्वी पर गुरुत्वा...